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NASA का सैटेलाइट अंतरिक्ष में क्रैश, पृथ्वी की कक्षा में फैला मलबा – वैज्ञानिकों ने दी चेतावनी

 

NASA का सैटेलाइट क्रैश: पृथ्वी के पास टूटा अंतरिक्ष यान, वैज्ञानिकों की बढ़ी चिंता



अंतरिक्ष में लगातार हो रहे मिशनों के बीच एक बड़ी खबर सामने आई है। अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी NASA का एक पुराना सैटेलाइट अंतरिक्ष में अनियंत्रित होकर टूट गया, जिससे अंतरिक्ष मलबे (Space Debris) को लेकर नई चिंता पैदा हो गई है। वैज्ञानिकों के अनुसार यह घटना पृथ्वी की कक्षा में बढ़ते अंतरिक्ष कचरे की समस्या को और गंभीर बना सकती है।

कैसे हुआ सैटेलाइट क्रैश

रिपोर्ट्स के मुताबिक यह सैटेलाइट कई साल पहले पृथ्वी की निचली कक्षा (Low Earth Orbit) में भेजा गया था। मिशन पूरा होने के बाद इसे निष्क्रिय कर दिया गया था, लेकिन हाल ही में इसकी कक्षा में अस्थिरता देखी गई। नियंत्रण प्रणाली काम नहीं करने के कारण सैटेलाइट धीरे-धीरे पृथ्वी की ओर गिरने लगा और अंततः अंतरिक्ष में ही कई टुकड़ों में टूट गया।

वैज्ञानिकों का कहना है कि सैटेलाइट के टूटने से छोटे-छोटे मलबे के टुकड़े बन गए हैं, जो पृथ्वी की कक्षा में घूम रहे हैं। यह मलबा भविष्य के अंतरिक्ष मिशनों के लिए खतरा बन सकता है।

अंतरिक्ष मलबे का खतरा

अंतरिक्ष में मौजूद छोटे-छोटे धातु के टुकड़े भी बहुत तेज गति से चलते हैं। यदि ये किसी सक्रिय सैटेलाइट या अंतरिक्ष यान से टकरा जाएं, तो बड़ा नुकसान हो सकता है। इसी वजह से अंतरिक्ष एजेंसियां लगातार इन टुकड़ों की निगरानी करती रहती हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि अंतरिक्ष में हजारों निष्क्रिय सैटेलाइट और उनके हिस्से पहले से मौजूद हैं। ऐसे में यदि एक और सैटेलाइट टूटता है, तो मलबे की संख्या और बढ़ जाती है।

पृथ्वी के लिए कितना खतरा?

विशेषज्ञों के अनुसार इस घटना से पृथ्वी पर सीधे खतरे की संभावना बहुत कम है। अधिकतर टुकड़े पृथ्वी के वायुमंडल में प्रवेश करते ही जल जाते हैं। हालांकि बड़े टुकड़ों के जमीन तक पहुंचने की संभावना को पूरी तरह नकारा भी नहीं जा सकता।

भविष्य के मिशनों पर असर

वैज्ञानिकों का कहना है कि बढ़ते अंतरिक्ष कचरे को नियंत्रित करना अब अंतरिक्ष एजेंसियों के लिए बड़ी चुनौती बनता जा रहा है। इसलिए भविष्य के मिशनों में सैटेलाइट को सुरक्षित तरीके से निष्क्रिय करने और कक्षा से हटाने के नए तरीके अपनाए जा रहे हैं।

निष्कर्ष

यह घटना एक बार फिर यह याद दिलाती है कि अंतरिक्ष में बढ़ती गतिविधियों के साथ जिम्मेदारी भी बढ़ रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर अंतरिक्ष मलबे पर नियंत्रण नहीं किया गया, तो भविष्य में सैटेलाइट और अंतरिक्ष मिशनों को गंभीर खतरा हो सकता है।

फिलहाल वैज्ञानिक स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं और अंतरिक्ष में मौजूद मलबे की लगातार ट्रैकिंग की जा रही है।



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