YouTube Shorts से कमाई का सच: एक ही व्यूज पर कहीं $6 तो कहीं $500 तक की कमाई, जानिए असली कारण
नई दिल्ली: आज के डिजिटल दौर में YouTube केवल मनोरंजन का प्लेटफॉर्म ही नहीं रहा, बल्कि लाखों लोगों के लिए कमाई का एक बड़ा जरिया बन चुका है। खासकर YouTube Shorts के आने के बाद से छोटे वीडियो बनाने वाले क्रिएटर की संख्या तेजी से बढ़ी है। हर दिन लाखों शॉर्ट वीडियो अपलोड किए जाते हैं और कई वीडियो लाखों-करोड़ों व्यूज भी हासिल कर लेते हैं।
लेकिन कई क्रिएटर अक्सर यह सवाल पूछते हैं कि समान या ज्यादा व्यूज होने के बावजूद उनकी कमाई बहुत कम क्यों होती है। हाल ही में एक उदाहरण सामने आया जिसमें एक क्रिएटर ने अपने चैनल की कमाई का डेटा दिखाया और बताया कि व्यूज और कमाई के बीच कितना बड़ा अंतर हो सकता है।
8 लाख व्यूज पर सिर्फ $6 की कमाई
क्रिएटर ने बताया कि उसके एक शॉर्ट वीडियो पर करीब 8 लाख से अधिक व्यूज आए थे, लेकिन उस वीडियो से कुल मिलाकर लगभग $6.4 की ही कमाई हुई। इतनी बड़ी संख्या में व्यूज होने के बावजूद इतनी कम आय देखकर कई लोग हैरान हो जाते हैं।
यह स्थिति कई भारतीय क्रिएटर के साथ देखने को मिलती है, क्योंकि उनके वीडियो पर आने वाली ज्यादातर ऑडियंस भारत से होती है और भारत में विज्ञापन की कीमत अपेक्षाकृत कम होती है।
कम व्यूज पर ज्यादा कमाई
दिलचस्प बात यह है कि उसी क्रिएटर के एक दूसरे शॉर्ट वीडियो पर करीब 77 हजार व्यूज आए थे, लेकिन उस वीडियो से $137 की कमाई हो गई। यानी कम व्यूज होने के बावजूद कमाई कई गुना ज्यादा रही।
इसी तरह एक अन्य वीडियो पर लगभग 57 हजार व्यूज के साथ करीब $96 की आय हुई। वहीं एक वीडियो जिस पर लगभग 3 मिलियन यानी 30 लाख व्यूज आए, उससे करीब $496 की कमाई हुई।
इन आंकड़ों से यह साफ होता है कि केवल व्यूज ही कमाई तय नहीं करते, बल्कि कई अन्य फैक्टर भी इसमें अहम भूमिका निभाते हैं।
ऑडियंस का देश तय करता है कमाई
डिजिटल मार्केटिंग विशेषज्ञों के अनुसार YouTube पर कमाई का सबसे बड़ा कारण CPM (Cost Per Mille) यानी प्रति हजार व्यूज पर मिलने वाली विज्ञापन दर होती है।
यदि वीडियो पर आने वाली ऑडियंस भारत जैसे देशों से होती है तो विज्ञापन की कीमत कम रहती है। वहीं अगर वीडियो को अमेरिका, कनाडा या यूरोप जैसे देशों में ज्यादा देखा जाता है तो विज्ञापन दर कई गुना बढ़ जाती है।
यही कारण है कि कई क्रिएटर अब यूएस ऑडियंस को ध्यान में रखकर अंग्रेजी भाषा में कंटेंट बनाना शुरू कर रहे हैं।
यूएस कंटेंट क्यों बनाते हैं क्रिएटर
कई क्रिएटर का कहना है कि अगर वही कंटेंट अंग्रेजी में बनाया जाए और वह अमेरिकी दर्शकों तक पहुंच जाए तो कमाई में बड़ा अंतर देखने को मिलता है।
उदाहरण के तौर पर जहां भारतीय ऑडियंस से 1 लाख व्यूज पर $1 के आसपास कमाई हो सकती है, वहीं यूएस ऑडियंस से $5 से $25 या उससे भी ज्यादा कमाई संभव होती है। यही वजह है कि कई नए क्रिएटर अब इंटरनेशनल ऑडियंस के लिए वीडियो बनाने की कोशिश कर रहे हैं।
फेसलेस चैनल भी हो रहे लोकप्रिय
आजकल YouTube पर फेसलेस चैनल का ट्रेंड भी तेजी से बढ़ रहा है। ऐसे चैनल में क्रिएटर को कैमरे के सामने आने की जरूरत नहीं होती।
इन वीडियो में आमतौर पर:
- बैकग्राउंड में छोटे-छोटे वीडियो क्लिप
- एआई से तैयार की गई वॉइस
- किसी कहानी या घटना का वर्णन
- वीडियो पर सबटाइटल
जैसी चीजें शामिल होती हैं।
कई क्रिएटर इस तरह के वीडियो बनाकर भी लाखों व्यूज हासिल कर रहे हैं।
सही समय पर वीडियो अपलोड करना भी जरूरी
कुछ अनुभवी क्रिएटर का मानना है कि यदि वीडियो को भारत के समय अनुसार रात में अपलोड किया जाए या शेड्यूल किया जाए तो वह अमेरिका के दिन के समय में लोगों तक पहुंच सकता है। इससे वीडियो पर ज्यादा व्यूज और बेहतर एंगेजमेंट मिल सकता है।
हालांकि विशेषज्ञ यह भी कहते हैं कि केवल टाइमिंग ही सब कुछ नहीं होती। कंटेंट की गुणवत्ता, विषय की दिलचस्पी और दर्शकों की रुचि भी उतनी ही महत्वपूर्ण होती है।
YouTube पर बढ़ता अवसर
दरअसल Google के वीडियो प्लेटफॉर्म YouTube ने पिछले कुछ वर्षों में क्रिएटर इकोनॉमी को काफी मजबूत किया है। शॉर्ट वीडियो के जरिए अब छोटे क्रिएटर भी जल्दी लोकप्रिय हो सकते हैं और अगर उनका कंटेंट लोगों को पसंद आता है तो अच्छी कमाई भी कर सकते हैं।
हालांकि विशेषज्ञ यह सलाह देते हैं कि क्रिएटर को हमेशा ओरिजिनल और कॉपीराइट-फ्री कंटेंट बनाना चाहिए। किसी दूसरे का वीडियो या सामग्री बिना अनुमति के इस्तेमाल करने से चैनल पर कॉपीराइट स्ट्राइक या अन्य कार्रवाई भी हो सकती है।
निष्कर्ष
YouTube Shorts से कमाई का कोई एक फिक्स फॉर्मूला नहीं है। व्यूज के साथ-साथ ऑडियंस का देश, कंटेंट की भाषा, विज्ञापन दर और एंगेजमेंट जैसे कई फैक्टर मिलकर कमाई तय करते हैं।
इसलिए यदि कोई क्रिएटर अधिक कमाई करना चाहता है तो उसे केवल व्यूज पर ही नहीं बल्कि सही ऑडियंस तक पहुंचने और बेहतर कंटेंट बनाने पर भी ध्यान देना होगा।

0 Comments