ब्याज दर पर फिर बढ़ी हलचल, RBI के अगले फैसले पर नजर; जानिए अभी कितना है Repo Rate
नई दिल्ली, 8 सितंबर 2026: भारत में ब्याज दर को लेकर चर्चा एक बार फिर तेज हो गई है। खासकर होम लोन, पर्सनल लोन, एफडी और बैंकिंग सेक्टर से जुड़े लोग भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के अगले मौद्रिक नीति फैसले पर नजर बनाए हुए हैं। फिलहाल RBI की मौजूदा पॉलिसी रेपो रेट 5.25 प्रतिशत है। RBI की आधिकारिक वेबसाइट पर 8 सितंबर 2026 को यही दर दर्ज है।
अभी कितनी है RBI की ब्याज दर?
RBI के मौजूदा आंकड़ों के अनुसार Policy Repo Rate 5.25%, Standing Deposit Facility (SDF) 5.00%, जबकि Marginal Standing Facility (MSF) और Bank Rate 5.50% हैं। Cash Reserve Ratio (CRR) 3% और Statutory Liquidity Ratio (SLR) 18% है।
अगस्त में हुई मौद्रिक नीति समीक्षा के बाद भी रेपो रेट 5.25% पर बरकरार रही थी। RBI के रिकॉर्ड में 3 से 5 अगस्त 2026 की MPC बैठक के बाद यही पॉलिसी दर दर्ज है।
अब ब्याज दरों में बदलाव की चर्चा क्यों?
बैंकिंग सिस्टम में हाल के दिनों में अतिरिक्त नकदी यानी surplus liquidity काफी बढ़ी है। Reuters के मुताबिक, 3 सितंबर तक बैंकिंग सिस्टम में अतिरिक्त तरलता करीब ₹9.7 लाख करोड़ थी और RBI ने इसे नियंत्रित करने के लिए Variable Rate Reverse Repo (VRRR) जैसे उपायों का इस्तेमाल किया।
4 सितंबर को RBI ने 30 दिन की VRRR नीलामी के जरिए ₹7 लाख करोड़ की तरलता सोखने की योजना घोषित की थी। इसका उद्देश्य बैंकिंग सिस्टम में मौजूद अतिरिक्त नकदी को प्रबंधित करना था।
इसके बाद 7 सितंबर को RBI ने बैंकिंग सिस्टम से ₹6.12 लाख करोड़ से अधिक की अतिरिक्त तरलता वापस खींची। Reuters की रिपोर्ट के अनुसार, यह कदम रिकॉर्ड स्तर तक पहुंची surplus liquidity को नियंत्रित करने की कोशिश का हिस्सा था।
क्या RBI बढ़ा सकता है ब्याज दर?
फिलहाल रेपो रेट बढ़ने की पुष्टि नहीं हुई है। कुछ बाजार विशेषज्ञों ने अक्टूबर की MPC बैठक को लेकर दरों में बढ़ोतरी की संभावना जताई है, लेकिन यह अभी अनुमान है, RBI का आधिकारिक फैसला नहीं।
Business Standard की 4 सितंबर की रिपोर्ट में भी अक्टूबर की मौद्रिक नीति समीक्षा के दौरान दरों में बढ़ोतरी की संभावना पर बाजार में चर्चा का उल्लेख किया गया था। अगली MPC बैठक 5 से 7 अक्टूबर के लिए प्रस्तावित बताई गई है।
इसलिए आम लोगों के लिए अभी सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि 5.25% मौजूदा रेपो रेट है और भविष्य में बदलाव होने पर RBI की आधिकारिक घोषणा ही अंतिम मानी जाएगी।
Loan और FD पर क्या असर पड़ सकता है?
रेपो रेट में बदलाव का असर बैंकिंग सिस्टम की ब्याज दरों पर पड़ सकता है। यदि RBI भविष्य में रेपो रेट बढ़ाता है, तो कर्ज की लागत बढ़ने का दबाव बन सकता है। दूसरी ओर, अगर दरों में कटौती होती है तो कुछ तरह के लोन पर ब्याज कम होने की संभावना बन सकती है।
हालांकि, हर बैंक तुरंत और समान अनुपात में अपनी ब्याज दर नहीं बदलता। होम लोन या दूसरे कर्ज की वास्तविक EMI पर बैंक का lending rate, loan type, borrower profile और reset mechanism जैसे कई factors असर डालते हैं।
अभी ग्राहकों को क्या करना चाहिए?
अगर आप होम लोन, पर्सनल लोन या FD लेने की योजना बना रहे हैं, तो केवल RBI की रेपो रेट देखकर फैसला नहीं करना चाहिए। अलग-अलग बैंकों की मौजूदा lending और deposit rates की तुलना करना बेहतर रहेगा।
RBI के 8 सितंबर 2026 के उपलब्ध आंकड़ों में एक साल से अधिक अवधि की term deposits पर बैंकिंग सिस्टम की दरें 6.00% से 6.75% के दायरे में दिखाई गई हैं, जबकि Base Rate 8.40% से 10.00% और Overnight MCLR 7.80% से 8.00% दर्ज है।
निष्कर्ष
ब्याज दर को लेकर बाजार में चर्चा बढ़ने की मुख्य वजह RBI की liquidity management और आने वाली MPC बैठक को लेकर बनी उम्मीदें हैं। लेकिन अभी तक रेपो रेट में किसी नई बढ़ोतरी की आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। मौजूदा Policy Repo Rate 5.25% है। आगे ब्याज दर में बदलाव होगा या नहीं, इसका फैसला RBI की MPC बैठक में लिए गए आधिकारिक निर्णय से ही स्पष्ट होगा।
