ईरान-इजराइल तनाव, भारत में राजनीतिक तूफ़ान और असम चुनाव की अपडेट्स: पूरी रिपोर्ट 2026

अंतरराष्ट्रीय संकट: ईरान ने मिसाइल हमले तेज़ किए



दुनिया की निगाहें फिलहाल पश्चिम एशिया पर टिक गई हैं, जहां ईरान, इजराइल और अमेरिका के बीच तनाव तेजी से बढ़ गया है। पिछले 24 घंटों में, ईरान ने 220 से अधिक मिसाइलें इजराइली शहरों जैसे कि तेल अवीव, हाइफ़ा और बेनी ब्रक के अलावा क्षेत्र में अमेरिकी ठिकानों पर दागीं। रिपोर्टों के अनुसार, इस हमले में 500 से अधिक लोग घायल हुए हैं, जो हाल के वर्षों में सबसे तीव्र मुठभेड़ों में से एक है।

ईरान ने दावा किया है कि उसने अपने नवीनतम पीढ़ी के मिसाइल सिस्टम जैसे फ़तेह-2, सजील, इमाद और खोर्रमशहर-4 का इस्तेमाल किया, जो उसकी सामरिक क्षमताओं में वृद्धि का संकेत है।

कूटनीतिक प्रयास असफल

विवाद को कम करने के लिए कूटनीतिक प्रयास अब तक सफल नहीं हुए हैं। अमेरिका ने पाकिस्तान के माध्यम से 15 शर्तों वाला एक Ceasefire प्रस्ताव रखा, जिसका मुख्य उद्देश्य ईरान के परमाणु कार्यक्रम और बैलिस्टिक मिसाइल विकास को सीमित करना और स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज़ जैसे रणनीतिक जलमार्गों को फिर से खोलना था।

ईरान ने इस प्रस्ताव को अस्वीकार कर दिया और स्पष्ट किया कि वार्ता केवल उनकी शर्तों पर होगी, जिसमें शामिल हैं:

  1. खाड़ी देशों से सभी अमेरिकी सैन्य ठिकानों की वापसी।
  2. सभी अंतरराष्ट्रीय और अमेरिकी प्रतिबंधों को हटाना।
  3. पिछले हमलों के दौरान हुए नुकसान के लिए मुआवजा।
  4. भविष्य में किसी भी प्रकार की हस्तक्षेप न करने की गारंटी।

ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड के लेफ्टिनेंट कर्नल इब्राहिम ज़ोल्फिकरी ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की आलोचना करते हुए कहा,
“खुद से बातचीत करना वार्ता नहीं है। हमारी स्थिति शुरू से ही स्पष्ट रही है, और हम अपनी संप्रभुता पर कोई समझौता नहीं करेंगे।”

वैश्विक प्रभाव

यह संघर्ष पहले ही वैश्विक तेल बाजारों को प्रभावित कर चुका है, जिससे कीमतों में अस्थिरता बढ़ गई है और भारत में ईंधन और एलपीजी की आपूर्ति पर दबाव बढ़ रहा है। विश्लेषकों का कहना है कि लंबा संकट दुनिया भर में गंभीर आर्थिक तनाव पैदा कर सकता है।

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