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राज्य फोकस: पश्चिम बंगाल और असम चुनाव



पश्चिम बंगाल

पश्चिम बंगाल में मुख्यमंत्री Mamata Banerjee ने चुनावी अभियान को तेज कर दिया है और सीधे तौर पर Bharatiya Janata Party को चुनौती दी है। मैनागुड़ी में एक जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने मतदाता सूची में गड़बड़ी और केंद्रीय बलों के कथित दुरुपयोग पर गंभीर सवाल उठाए।

उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा,
“सुरक्षा बलों को निष्पक्ष रहना चाहिए, उन्हें किसी भी पार्टी के एजेंट के रूप में काम नहीं करना चाहिए।”

इसके साथ ही ममता बनर्जी ने NRC और डिटेंशन कैंप का विरोध करते हुए नागरिकों के अधिकारों की रक्षा पर जोर दिया। उनके इस आक्रामक रुख ने चुनावी माहौल को और गरमा दिया है, जिससे यह साफ संकेत मिल रहा है कि इस बार मुकाबला बेहद कड़ा होने वाला है और All India Trinamool Congress और बीजेपी के बीच सीधी टक्कर देखने को मिल सकती है।

असम

वहीं असम में भी राजनीतिक माहौल काफी गर्म है। Election Commission of India द्वारा कांग्रेस के तीन प्रमुख उम्मीदवारों के नामांकन रद्द किए जाने के बाद विवाद बढ़ गया है। इनमें जलुकबाड़ी सीट से उम्मीदवार विदिशा नियोग का नाम भी शामिल है, जो सीधे मुख्यमंत्री Himanta Biswa Sarma को चुनौती दे रही थीं।

विपक्ष के नेता Gaurav Gogoi ने इस पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए सत्तारूढ़ दल पर चुनाव प्रक्रिया को प्रभावित करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा,
“जनता 10 साल की बीजेपी सरकार को हटाने के लिए तैयार है। मुख्यमंत्री की कुर्सी दिल्ली से रिमोट कंट्रोल की तरह चल रही है, जिससे स्थानीय आवाजों की अनदेखी हो रही है।”

इन घटनाओं ने असम के चुनावी माहौल को और अधिक तनावपूर्ण बना दिया है। सोशल मीडिया और राजनीतिक चर्चाओं में जनता की बढ़ती नाराजगी और शासन पर अविश्वास साफ नजर आ रहा है, जो आने वाले चुनाव परिणामों पर सीधा असर डाल सकता है।

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