Thursday, 26 March 2026

Gen Z vs BJP Veteran: Guwahati Seat Becomes Battleground in Assam Elections 2026

 गुवाहाटी सीट पर जनरेशन क्लैश: युवा vs अनुभवी



Guwahati: असम के चुनावी माहौल में इस बार सेंट्रल गुवाहाटी सीट खास चर्चा में है। यहां मुकाबला सिर्फ दो उम्मीदवारों के बीच नहीं, बल्कि दो अलग-अलग पीढ़ियों के बीच भी देखने को मिल रहा है।

एक तरफ हैं भाजपा के अनुभवी नेता Vijay Kumar Gupta, तो दूसरी ओर हैं 26 साल की युवा और पहली बार चुनाव लड़ रहीं Kunki Chowdhury, जो इस सीट की सबसे कम उम्र की उम्मीदवार भी हैं।

करीब 1.91 लाख वोटरों वाली इस सीट पर दोनों उम्मीदवार अलग-अलग अंदाज़ में प्रचार कर रहे हैं। कुनकी चौधरी ने जमीनी स्तर पर पान बाज़ार में घर-घर जाकर लोगों से संपर्क किया, जबकि विजय कुमार गुप्ता मलिगांव के दूरदराज इलाकों में पहुंचकर लोगों से मिलते नजर आए, जहां कई लोग उन्हें पहले से अपना विधायक मानते हैं।

वादे, मुद्दे और जनता का मूड

विजय कुमार गुप्ता का फोकस पर्यटन बढ़ाने, सड़क-पानी-लाइट जैसी बुनियादी सुविधाओं, सभी वार्ड में स्टेडियम और शिक्षा के विकास पर है। वहीं कुनकी चौधरी बाढ़ और ड्रेनेज समस्या, स्किल डेवलपमेंट, बेहतर कचरा प्रबंधन, हाई-टेक पार्किंग और महिलाओं की सुरक्षा को प्राथमिकता दे रही हैं।

जनता की राय भी बंटी हुई नजर आ रही है। कुछ मतदाता विकास के नाम पर भाजपा का समर्थन कर रहे हैं, जबकि कई लोग युवा नेतृत्व और बदलाव की उम्मीद में कुनकी चौधरी की ओर झुकाव दिखा रहे हैं।

जहां विजय कुमार गुप्ता अपने 35 साल के अनुभव पर भरोसा जता रहे हैं, वहीं कुनकी चौधरी नई सोच और ऊर्जा के साथ बदलाव का संदेश दे रही हैं।

असम में 9 अप्रैल को होने वाले मतदान के साथ यह साफ हो जाएगा कि जनता अनुभव को चुनती है या युवा नेतृत्व को मौका देती है। सेंट्रल गुवाहाटी सीट इस बार राज्य की सबसे दिलचस्प सीटों में शामिल हो चुकी है।



Labels: , , , , , , ,

राज्य फोकस: पश्चिम बंगाल और असम चुनाव



पश्चिम बंगाल

पश्चिम बंगाल में मुख्यमंत्री Mamata Banerjee ने चुनावी अभियान को तेज कर दिया है और सीधे तौर पर Bharatiya Janata Party को चुनौती दी है। मैनागुड़ी में एक जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने मतदाता सूची में गड़बड़ी और केंद्रीय बलों के कथित दुरुपयोग पर गंभीर सवाल उठाए।

उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा,
“सुरक्षा बलों को निष्पक्ष रहना चाहिए, उन्हें किसी भी पार्टी के एजेंट के रूप में काम नहीं करना चाहिए।”

इसके साथ ही ममता बनर्जी ने NRC और डिटेंशन कैंप का विरोध करते हुए नागरिकों के अधिकारों की रक्षा पर जोर दिया। उनके इस आक्रामक रुख ने चुनावी माहौल को और गरमा दिया है, जिससे यह साफ संकेत मिल रहा है कि इस बार मुकाबला बेहद कड़ा होने वाला है और All India Trinamool Congress और बीजेपी के बीच सीधी टक्कर देखने को मिल सकती है।

असम

वहीं असम में भी राजनीतिक माहौल काफी गर्म है। Election Commission of India द्वारा कांग्रेस के तीन प्रमुख उम्मीदवारों के नामांकन रद्द किए जाने के बाद विवाद बढ़ गया है। इनमें जलुकबाड़ी सीट से उम्मीदवार विदिशा नियोग का नाम भी शामिल है, जो सीधे मुख्यमंत्री Himanta Biswa Sarma को चुनौती दे रही थीं।

विपक्ष के नेता Gaurav Gogoi ने इस पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए सत्तारूढ़ दल पर चुनाव प्रक्रिया को प्रभावित करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा,
“जनता 10 साल की बीजेपी सरकार को हटाने के लिए तैयार है। मुख्यमंत्री की कुर्सी दिल्ली से रिमोट कंट्रोल की तरह चल रही है, जिससे स्थानीय आवाजों की अनदेखी हो रही है।”

इन घटनाओं ने असम के चुनावी माहौल को और अधिक तनावपूर्ण बना दिया है। सोशल मीडिया और राजनीतिक चर्चाओं में जनता की बढ़ती नाराजगी और शासन पर अविश्वास साफ नजर आ रहा है, जो आने वाले चुनाव परिणामों पर सीधा असर डाल सकता है।

Labels: